हाथरस गैंगरेप केस – हाथरस जघन्य गैंगरेप काण्ड को लेकर पूरे देश में ज़बरदस्त आक्रोश है। इसकी शुरूआती आई जाँच रिपोर्ट से जनता सन्तुष्ट नहीं लगती है। अतः इस मामले की CBI से या फिर माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जाँच होनी चाहिये, बी.एस.पी. की यह माँग – बसपा-सुप्रीमो मायावती.
साथ ही, देश के माननीय राष्ट्रपति यू.पी. से आते हैं व एक दलित होने के नाते भी इस प्रकरण में ख़ासकर सरकार के अमानवीय रवैये को ध्यान में रखकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिये दखल देने की भी उनसे पुरज़ोर अपील।

बसपा-सुप्रीमो मायावती

हाथरस गैंगरेप केस – UP के चर्चित हाथरस गैंगरेप केस को लेकर जहां एक तरफ पूरे देश में जबरदस्त आक्रोश दिखाई दे रहा है। तो वहीं, दूसरी तरफ विपक्ष प्रदेश की Yogi सरकार पर लगातार हमलावर है। अब यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री व BSP की अध्यक्ष मायावती ने इस मामले की CBI से या फिर माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच किए जाने की मांग की है। उन्होंने शनिवार को ट्वीट करते हुए कहा, ‘इसकी शुरूआती आई जांच रिपोर्ट से जनता सन्तुष्ट नहीं लगती है।

राष्ट्रपति से की ये अपील – बसपा-सुप्रीमो मायावती ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, ‘देश के माननीय राष्ट्रपति यू.पी. से आते हैं व एक दलित होने के नाते भी इस प्रकरण में ख़ासकर सरकार के अमानवीय रवैये को ध्यान में रखकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए दखल देने की भी उनसे पुरज़ोर अपील।

प्राथमिक जांच रिपोर्ट के बाद CM-Yogi ने SP-DSP को किया था निलंबित – दरअसल, हाथरस कांड की प्राथमिक जांच रिपोर्ट प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को शुक्रवार, 2 अक्टूबर को मिल गई थी। जिसके बाद उन्होंने कार्रवाई करते हुए हाथरस जिले के एसपी विक्रांत वीर सिंह, सीओ राम शब्द, इंस्पेक्टर दिनेश कुमार वर्मा, एसआई जगवीर सिंह और हेड मोहर्रिर महेश पाल शामिल हैं। इसके अलावा थाने के सभी पुलिसकर्मियों का नार्को पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। इसके साथ-साथ पीड़ित और आरोपी, दोनों पक्षों का भी नार्को टेस्ट करवाया जाएगा।

https://tothepoint-news.online/

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here